जैविक उर्वरकों का प्रयोग
उर्वरक
(नियंत्रण) आदेश-1985 को देश में उर्वरकों की गुणवत्ता का नियमन करने के
उद्देश्य से लागू किया गया। मुख्य रूप से चार जैविक उर्वरकों सिटी
कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट, फोस्फेट संवद्धित जैविक खाद और जैविक खाद को
इस आदेश के अर्न्तगत अधिसूचित किया गया है। कोई भी व्यक्ति इस आदेश के
तहत अधिसूचित जैविक उर्वरकों के अलावा उर्वरकों की बिक्री/भण्डारण अथवा
उत्पादन/आयात अथवा वितरण नहीं कर सकता। राज्य सरकारें जैविक उर्वरकों की
गुणवत्ता की जांच के लिए इनके नमूनों की जांच अधिकृत प्रयोगशाला में करा
सकती हैं। पिछले दो वर्षों के दौरान कर्नाटक में तीन मामले सामने आये
जिनमें इस आदेश का उल्लघंन किया गया। इस आदेश के अनुसार दोषी व्यक्तियों
पर मुकदमा चलाया जा रहा है। दोषियों को जैविक उर्वरकों की बिक्री करते हुए
पकड़ा गया था।
उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 में समय-समय पर आवश्यकता अनुसार संशोधन किये
जाते रहे हैं। यह जानकारी आज लोकसभा में कृषि राज्य मंत्री श्री मोहन भाई
कुदरिया ने दी।
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