किसानों
को विभिन्न फसलों की खेती के लिए आवश्यक उवर्रक व अन्य पोषक तत्वों की
सही मात्रा और मृदा मूल्यांकन की तमाम जानकारी देने के लिए केन्द्र
सरकार ने 'मृदा स्वास्थ्य कार्ड' जारी करने की योजना बनाई है। सभी
किसानों को तीन साल के अंतराल पर नये मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करने की
योजना प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसान
फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए सही समय पर सही मात्रा में उवर्रक –
पोषक तत्व का उपयोग कर रहे है।
भू-परीक्षण और मृदा स्वास्थ्य कार्डों का वितरण राज्य सरकारों द्वारा
चलाई जा रही एक सतत प्रक्रिया है। केन्द्र सरकार ने राज्यों को सलाह दी
है कि वे केन्द्रीय योजनाओं जैसे कि सतत कृषि पर राष्ट्रीय मिशन और
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की सहायता से समय-समय पर अपनी भू-परीक्षण
क्षमताओं को बढ़ाये। साथ ही राज्य सरकारों को प्रयोगशालाओं में प्रशिक्षित
और कुशल कर्मचारियों को नियुक्त करने की भी सलाह दी गई है। भूमि की
उत्पादकता की तमाम जानकारियों के साथ किसानों को इन योजनाओं के माध्यम से
बीज के प्रकारों, सिंचाई, कीटनाशकों और रोग प्रबंधन के बारे में भी सलाह
दी जा रही है, ताकि वे उत्पादन को बढ़ा सकें। यह जानकारी आज लोकसभा में
कृषि राज्य मंत्री श्री मोहनभाई कुंडारिया ने दी।
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